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[हरियाण(Haryana) के शिक्षा मंत्री]
कार्यालय में

[हरियाणा(Haryana) भाजपा अध्यक्ष]
कार्यालय में

[भाजपा नेता हरियाणा(Haryana)
विधान पार्टी]
कार्यालय में


फोटो संग्रह
राजनीतिक जीविका

प्रोफ़ेसर रामबिलास शर्मा(Prof. Rambilas Sharma) सन् 1977 में राजनीती में कूद पड़े. उस समय गरीबी और राजनीती का दूर-दूर तक कोई संगम नहीं था. इस तरह राजनीती में आकर उन्होंने गरीब व्यक्ति को एक नयी दिशा प्रदान की. उन्होंने राजनीती को जनसेवा के रूप में अपनाया. डॉ. शर्मा के जीवन का लक्ष्य लोगो की सेवा था ने की पैसे कमाना.

पहली बार सन् 1982 में महेंद्रगढ़(Mahendergarh) जिले से 1200 वोटो से जीते. यह अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि थी. तदौप्रांत सन् 1987 में वे 28000 वोट से जीते. अपने इस कार्येकाल के दोरान वे सार्वेजनिक स्वास्थ्य मंत्री के पद पर भी रहे. उस समय महेंद्रगढ़(Mahendergarh) जिले की सबसे बड़ी समस्या पानी थी. जिले की इस समस्या को दूर करने के लिए प्रो. शर्मा जी ने 10 नहर पर आधारित एक परियोजना शुरु की जिसका उद्देस्ये जन-जन तक पानी मुहैया कराना था. इसके अलावा उन्होंने 104 गाँव जो महेंद्रगढ़(Mahendergarh) क्षेत्र में थे उनमे से 70 गाँव में नलकूप की व्यवस्था करवाई. पहली बार महेंद्रगढ़(Mahendergarh) जिले को सरकारी नौकरी में पूरा हिस्सा मिला.

सन् 1991 में एक बार फिर बाहरी मतों से विजयी रहे. सन् 1990 में डॉ. मंगल सेन की मरनोपरांत उन्हें भारतीये जनता पार्टी का हरियाणा प्रदेश का अध्यक्ष बनाया गया. उनके नेत्रेत्व में पहली बार बी.जे.पी. ने हरियाणा(Haryana) परदेश की सभी 90 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ा.

सन् 1996 में फिर से 4000 वोटो से विजयी रहे.अपने इस कार्येकाल के दोरान वो शिक्षा मंत्री के पद पर रहे. महेंद्रगढ़(Mahendergarh) जिले में उन्होंने 7 सरकारी कॉलेज का मिर्माण करवाया. पूरे हरियाणा(Haryana) परदेश में उन्होंने 348 स्कूल का निर्माण करवाया. उनमे से महेंद्रगढ़(Mahendergarh) जिले में 127 स्कूल का निर्माण करवाना अपने आप में एक बहुत बड़ी उपलब्धि थी. इस तरह उन्होंने महेंद्रगढ़(Mahendergarh) जिले को एक अलग पहचान दी. उनके इस कार्येकाल के दोरान हरियाणा(Haryana) परदेश ने शिक्षा के क्षेत्र में बहुत प्रगति की.